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Haryana Viral Marriage Invitation Card: বিজেপি, আরএসএস-এর নেতারা আসবেন না! মেয়ের বিয়ের কার্ডে লিখে দিলেন বাবা

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রীতিমতো বিয়ের কার্ডের উপরেই বিজেপি, আরএসএস এবং জেজেপি-র নেতাদের লিখিত ভাবে বিয়েতে আসতে মানা করেছেন রাজেশ (Haryana Viral Marriage Invitation Card)৷
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बेशक पीएम नरेन्द्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापिस लिए जाने की घोषणा कर दी हो और उसे कैबिनेट में भी रद्द करने पर मुहर लगवा दी हो, लेकिन कृषि कानूनों व आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों की पीड़ा का दंश अभी भी किसानों के चेहरे पर साफ देखने को मिल रहा है. झज्जर के गांव ग्वालीशन के एक किसान राजेश ने इसी पीड़ा पर दुख जाहिर करते हुए अपनी बेटी की शादी के लिए छपवाएं गए कार्ड में सत्ताधारी भाजपा और जेजेपी के नेताओं को शादी-समारोह से दूर रहने की चेतावनी लिखवा दी है.
बेशक पीएम नरेन्द्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापिस लिए जाने की घोषणा कर दी हो और उसे कैबिनेट में भी रद्द करने पर मुहर लगवा दी हो, लेकिन कृषि कानूनों व आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों की पीड़ा का दंश अभी भी किसानों के चेहरे पर साफ देखने को मिल रहा है. झज्जर के गांव ग्वालीशन के एक किसान राजेश ने इसी पीड़ा पर दुख जाहिर करते हुए अपनी बेटी की शादी के लिए छपवाएं गए कार्ड में सत्ताधारी भाजपा और जेजेपी के नेताओं को शादी-समारोह से दूर रहने की चेतावनी लिखवा दी है.
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इतना हीं नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उक्त पार्टियों का कोई भी नेता समारोह में आता है तो उसे घुसने नहीं दिया जाएगा. राजेश धनखड़ विश्ववीर जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके है. किसान राजेश आंदोलन के दौरान जिस तरह से किसानों पर आंसू गैस,लाठियां बरसाने और पानी की बौछारें छोड़े जाने से आहत दिखाई दिए.
इतना हीं नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उक्त पार्टियों का कोई भी नेता समारोह में आता है तो उसे घुसने नहीं दिया जाएगा. राजेश धनखड़ विश्ववीर जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके है. किसान राजेश आंदोलन के दौरान जिस तरह से किसानों पर आंसू गैस,लाठियां बरसाने और पानी की बौछारें छोड़े जाने से आहत दिखाई दिए.
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उन्होंने कहा कि कितनी शर्म की बात है कि आंदोलनकारी किसानों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी की संज्ञा दी गई. कृषि कानून वापिस लिए जाने के सवाल पर तपाक से जवाब देते हुए राजेश धनखड़ ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है कि किसी आदमी को पहले फांसी पर लटका दिया जाए और फिर बाद में उसे फांसी से नीचे उतारकर कहा जाए कि उसे जीवनदान दे दिया गया है.
उन्होंने कहा कि कितनी शर्म की बात है कि आंदोलनकारी किसानों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी की संज्ञा दी गई. कृषि कानून वापिस लिए जाने के सवाल पर तपाक से जवाब देते हुए राजेश धनखड़ ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है कि किसी आदमी को पहले फांसी पर लटका दिया जाए और फिर बाद में उसे फांसी से नीचे उतारकर कहा जाए कि उसे जीवनदान दे दिया गया है.
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किसान राजेश का यह भी कहना था कि एमएसपी के बगैर किसान जिंदा नहीं रह पाएगा और किसान की लड़ाई एमएसपी गारंटी कानून बनने तक जारी रहेगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी गलत नीतियों की वजह से किसान बर्बाद हुआ है. कारण कि दिल्ली की सलतनत पर बैठने वाली हर पार्टी ने किसान को मारने का काम किया है.
किसान राजेश का यह भी कहना था कि एमएसपी के बगैर किसान जिंदा नहीं रह पाएगा और किसान की लड़ाई एमएसपी गारंटी कानून बनने तक जारी रहेगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी गलत नीतियों की वजह से किसान बर्बाद हुआ है. कारण कि दिल्ली की सलतनत पर बैठने वाली हर पार्टी ने किसान को मारने का काम किया है.
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उन्होंने कहा कि यदि उसके परिवार या फिर कोई रिश्तेदार भी भाजपा, आरएसएस और जेजेपी का सदस्य हुआ तो उसे भी समारोह में घुसने नहीं दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यदि उसके परिवार या फिर कोई रिश्तेदार भी भाजपा, आरएसएस और जेजेपी का सदस्य हुआ तो उसे भी समारोह में घुसने नहीं दिया जाएगा.
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राजेश के अनुसार जिस बेटी की शादी है वह उसकी बेटी न होकर आंदोलन में शहीद होने वाले उन साढ़े सात सौ किसानों की बेटी है जिन्होंने आंदोलन में अपनी जान गंवाई है. इसलिए वह कैसे स्वीकार कर ले कि किसानों की मौत के जिम्मेवार उसी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए उनकी चौखट पर पहुंचे.
राजेश के अनुसार जिस बेटी की शादी है वह उसकी बेटी न होकर आंदोलन में शहीद होने वाले उन साढ़े सात सौ किसानों की बेटी है जिन्होंने आंदोलन में अपनी जान गंवाई है. इसलिए वह कैसे स्वीकार कर ले कि किसानों की मौत के जिम्मेवार उसी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए उनकी चौखट पर पहुंचे.
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